एग्रीकल्चर रिव्यू
आदित्य अभिषेक द्वारा
रोज़मेरी दिखने में एक झाड़ी जैसी होती है जिसकी पत्तियाँ पतली और नुकीली होती हैं, जैसे छोटी सुई। इसकी खुशबू तेज़ और खुशबूदार होती है।
अगर आप ध्यान से देखें तो रोज़मेरी की पत्तियाँ पतली होती हैं, ऊपर से गहरे हरे रंग की और नीचे से चांदी जैसी चमक लिए होती हैं। ये तने पर एक-दूसरे के विपरीत जोड़े में उगती हैं और छूने पर थोड़ा चमड़े जैसी महसूस होती हैं।
ये एक छोटी झाड़ी की तरह उगते हैं, जो घनी और सधी हुई होती है। कुछ किस्में तो अच्छे माहौल में 3 से 5 फीट तक ऊँची भी हो सकती हैं।
बसंत और गर्मियों के दौरान, रोज़मेरी के पौधे में छोटे-छोटे फूल खिलते हैं जो बैंगनी, नीले या सफेद रंग के हो सकते हैं और परागण करने वाले कीटों को आकर्षित करते हैं।
इसकी सुई जैसी पत्तियों पर तेल ग्रंथियां होती हैं, जिसकी वजह से इसे छूने पर इससे यूकेलिप्टस, चीड़ और कपूर जैसी मिलीजुली खास खुशबू निकलती है।
रोज़मेरी और इसके तेल की खुशबू याददाश्त बढ़ाने, तनाव कम करने, बालों की वृद्धि बढ़ाने, सिरदर्द में राहत देने और प्राकृतिक एंटीमाइक्रोबियल फायदे देने में मदद कर सकती है।
अपने तेज़ स्वाद और खुशबू की वजह से रोज़मेरी का इस्तेमाल खाना पकाने में किया जाता है, ताकि सूप, मांस और भूनी हुई सब्ज़ियों का स्वाद बढ़ाया जा सके।
रोज़मेरी के फायदों को जानकर उत्साहित हैं? हैरान मत होइए — आप इसे अपनी छत या पीछे के बगीचे में गमलों में भी उगा सकते हैं!
पढ़ने के लिए धन्यवाद!