कौन सा देश है जहां खेती बिल्कुल नहीं होती?

जब खेती को अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और यह सभ्यता के विकास में अहम भूमिका निभा चुकी है, तो क्या आप किसी ऐसे देश की कल्पना कर सकते हैं जहाँ बिलकुल भी खेती न होती हो? खैर, अपवाद हर जगह होते हैं। हमारी इस खूबसूरत धरती पर कुल 195 देश हैं, जिनमें से करीब पाँच देश ऐसे हैं जहाँ या तो बिलकुल खेती नहीं होती या बहुत ही सीमित स्तर पर होती है।

इसका मतलब ये नहीं है कि ये देश पिछड़े हैं या वहां कोई समस्या है, बल्कि खेती कम होने के पीछे कई वजहें होती हैं। इनमें सबसे आम कारण हैं – खेती के लिए कम ज़मीन होना, रेगिस्तानी इलाका, कम बारिश और आर्कटिक जैसी ठंडी जलवायु। यही कारण है कि ये देश अपनी ज़रूरत का अनाज और बाकी कृषि उत्पाद दूसरे देशों से मंगवाते हैं।



कौन सा देश है जहां खेती बिल्कुल नहीं होती

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  1. वेटिकन सिटी: दुनिया का सबसे छोटा देश होने की वजह से इसके पास खेती के लिए ज़मीन ना के बराबर है। इसलिए अपनी ज़रूरी खाने-पीने की चीज़ों के लिए यह पूरी तरह से दूसरे देशों से आयात (इम्पोर्ट) पर निर्भर रहता है।
  1. मोनाको: सिर्फ 2.02 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ, मोनाको दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश है। यहां की शहरी आबादी को सहारा देने के लिए यह लगभग सारा खाना बाहर से मंगवाता है।
  1. क़तर: एक अमीर देश होने के बावजूद, यह रेगिस्तानी इलाका बेहद सूखे हालात और पानी की भारी कमी से जूझता है। भले ही इसने हाइड्रोपोनिक्स और एरोपोनिक्स जैसी तकनीकों को अपनाया है, लेकिन अपनी ज़्यादातर खाद्य ज़रूरतें पूरी करने के लिए आज भी कृषि उत्पादों के आयात पर निर्भर है।
  1. सिंगापुर: एक बेहद शहरीकृत द्वीप देश है, जिसकी जमीन सिर्फ लगभग 728 वर्ग किलोमीटर है। अपनी आबादी के लिए इसे ज्यादातर खाना बाहर से मंगवाना पड़ता है। हाल के वर्षों में इसने शहरी खेती को बढ़ावा देना शुरू किया है, लेकिन अब भी इसके खाने की ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है।
  1. ग्रीनलैंड: आर्कटिक जलवायु, लगातार जमी हुई ज़मीन (परमाफ्रॉस्ट) और बर्फ से ढकी भूमि के कारण यहां सिर्फ ग्रीनहाउस में ही कुछ सीमित फसलें उगाई जाती हैं।

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About Aditya Abhishek

An agricultural graduate from SDSUV, Uttarakhand, Aditya Abhishek created Agriculture Review to bridge the gap between agricultural science and practical application. He is dedicated to providing students and nature enthusiasts with high-quality, actionable insights into farming, crop protection, and home gardening.

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